चुनाव से पहले ईडी का बड़ा एक्शन, बंगाल में भ्रष्टाचार पर कसा शिकंजा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में बड़ा शिकंजा कस दिया है। हाल के दिनों में ईडी ने कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं, जिनमें छापेमारी, संपत्ति जब्ती, समन जारी करना और चार्जशीट दाखिल करना शामिल है। इन कार्रवाइयों में राजनीतिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों, कारोबारियों और आपराधिक गिरोहों से जुड़े कई नाम सामने आए हैं। इन लगातार हो रही कार्रवाईयों से यह साफ हो गया है कि चुनाव से पहले राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
IPAC और पार्थ चटर्जी केस में बढ़ी सख्ती
दो अप्रैल 2026 को ईडी ने IPAC से जुड़े 11 ठिकानों पर देशभर में छापेमारी की। इस दौरान मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले। जांच में यह भी सामने आया कि चुनावी गतिविधियों के नाम पर अवैध फंडिंग की जा रही थी। वहीं पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी एक बार फिर ईडी के निशाने पर हैं। 11 अप्रैल को उनके घर और उनके सहयोगी के ठिकानों पर छापा मारा गया। बताया गया कि उन्हें तीन बार समन भेजा गया लेकिन वह पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। इससे पहले भी वह भर्ती घोटाले में गिरफ्तार हो चुके हैं और अब कई मामलों में उनकी भूमिका की जांच तेज कर दी गई है।

सोना पप्पू और जमीन घोटाले का बड़ा खुलासा
एक अप्रैल को ईडी ने कोलकाता में सोना पप्पू उर्फ बिश्वजीत पोद्दार के ठिकानों पर छापेमारी की। यहां से करोड़ों रुपये नकद, सोना चांदी, एक लग्जरी गाड़ी और विदेशी हथियार बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि यह गिरोह उगाही, जमीन कब्जा और अवैध निर्माण के जरिए काला धन इकट्ठा कर रहा था। इसी तरह अमित गांगुली केस में फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने का बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। आरोपियों ने नकली एग्रीमेंट और पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन पर कब्जा किया और फिर उसे बेच दिया। इस मामले में 20 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और कई बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
राशन, कोयला और मेडिकल घोटालों में भी कार्रवाई तेज
ईडी ने पीडीएस राशन घोटाले में भी बड़ी कार्रवाई की है। आरोप है कि गरीबों के लिए भेजा गया अनाज खुले बाजार में बेचा जा रहा था। 10 अप्रैल को 17 ठिकानों पर छापेमारी में लाखों रुपये और कई सबूत बरामद हुए। वहीं कोयला घोटाले में 650 करोड़ रुपये की उगाही का मामला सामने आया है जिसमें कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे के तहत फर्जी दाखिले और रियल एस्टेट घोटाले की भी जांच जारी है। इन सभी मामलों में लगातार हो रही कार्रवाई से यह साफ संकेत मिल रहा है कि चुनाव से पहले बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और आने वाले समय में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।